Thursday, September 10, 2020

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

Hindustan

 शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म-दिवस के अवसर पर शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाता है. वह एक उत्कृष्ट शिक्षक और विद्वान थे. आइए, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, परिवार, शिक्षा, राजनीतिक करियर इत्यादि के आधार पर एक दिलचस्प क्विज हल करें.


शिक्षक हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसलिए, भारत में हर साल 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए मनाया जाता है. इस दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन होता है. वह एक अनुकरणीय शिक्षक, विद्वान और राजनीतिज्ञ थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा और देश के युवाओं के लिए समर्पित कर दिया.

1. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म किस वर्ष में हुआ था?
A. 1880
B. 1884
C. 1888
D. 1890
Ans. C
स्पष्टीकरण: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को थिरुत्तानी (Thiruttani), मद्रास प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत (अब तमिलनाडु, भारत) में हुआ था.

2. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन किस वर्ष भारत के राष्ट्रपति बने थे?
A. 1960
B. 1962
C. 1964
D. 1967
Ans. B
स्पष्टीकरण: 1962 में, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति बने थे. उन्होंने 1962 से 1967 तक सेवा की. वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे.

3. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से कब सम्मानित किया गया था?
A. 1950
B. 1954
C. 1955
D. 1960
Ans. B
स्पष्टीकरण: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 1954 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म-दिवस के अवसर पर शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाता है. वह एक उत्कृष्ट शिक्षक और विद्वान थे. आइए, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, परिवार, शिक्षा, राजनीतिक करियर इत्यादि के आधार पर एक दिलचस्प क्विज हल करें.
SEP 4, 2020 17:52 IST
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Dr. Sarvepalli Radhakrishnan
Dr. Sarvepalli Radhakrishnan

शिक्षक हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसलिए, भारत में हर साल 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए मनाया जाता है. इस दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन होता है. वह एक अनुकरणीय शिक्षक, विद्वान और राजनीतिज्ञ थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा और देश के युवाओं के लिए समर्पित कर दिया.

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1. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म किस वर्ष में हुआ था?
A. 1880
B. 1884
C. 1888
D. 1890
Ans. C
स्पष्टीकरण: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को थिरुत्तानी (Thiruttani), मद्रास प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत (अब तमिलनाडु, भारत) में हुआ था.

2. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन किस वर्ष भारत के राष्ट्रपति बने थे?
A. 1960
B. 1962
C. 1964
D. 1967
Ans. B
स्पष्टीकरण: 1962 में, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति बने थे. उन्होंने 1962 से 1967 तक सेवा की. वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे.

शिक्षक दिवस 2020: इतिहास, महत्व और अन्य तथ्य
3. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से कब सम्मानित किया गया था?
A. 1950
B. 1954
C. 1955
D. 1960
Ans. B
स्पष्टीकरण: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 1954 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

4. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की लिखित रचनाएँ निम्नलिखित में से कौन सी हैं?
1. East and West: Some Reflections
2. The Philosophy of the Upanishads 
3. An Idealist View of Life 
4. Eastern Religions and Western Thought

सही विकल्प चुनें:
A. 1 and 2
B. 1,2 and 4
C. 2 and 3
D. 1,2,3 and 4
Ans. D
स्पष्टीकरण: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की लिखित कृतियों में Indian Philosophy, 2 vol., The Philosophy of the Upanishads, An Idealist View of Life, Eastern Religions and Western Thought, and East and West: Some Reflections शामिल हैं. उन्होंने अपने व्याख्यानों और पुस्तकों में पश्चिमी लोगों के लिए भारतीय विचार की व्याख्या करने की कोशिश की है.

5. किस वर्ष डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष (chairman of UNESCO's executive board) के रूप में चुना गया था?
A. 1948
B. 1949
C. 1950
D. 1951
Ans. A
स्पष्टीकरण: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड (1948-49) के अध्यक्ष चुने गए थे.

6. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बारे में निम्नलिखित कथन पर विचार करें.
1. उन्हें 1936 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पूर्वी धर्म और नैतिकता के स्पाल्डिंग  प्रोफेसर (Spalding Professor of Eastern Religions and Ethics) के रूप में नामित किया गया था.
2. उन्हें ऑल सोल्स कॉलेज का फेलो (Fellow of All Souls College) चुना गया था.
3. वह 1946 में संविधान सभा के लिए चुने गए थे.
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है / हैं?
A. Only 1
B. 1 and 2
C. 1 and 3
D. 1, 2 and 3
Ans. D
स्पष्टीकरण: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 1936 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पूर्वी धर्मों और नैतिकता के स्पाल्डिंग प्रोफेसर के रूप में भी नामित किया गया था.उन्हें ऑल सोल्स कॉलेज का फेलो चुना गया था. वह 1946 में संविधान सभा के लिए भी चुने गए थे.

7. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को साहित्य अकादमी (Sahitya Akademi), फेलोशिप, साहित्य अकादमी द्वारा सर्वोच्च सम्मान किस वर्ष दिया गया?
A. 1963
B. 1965
C. 1968
D. 1970
Ans. C
स्पष्टीकरण: 1968 में साहित्य अकादमी फेलोशिप, साहित्य अकादमी द्वारा साहित्यकार डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को दिया गया सर्वोच्च सम्मान था. यह पुरस्कार पाने वाले वे पहले भारतीय थे.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम क्या है और इसके क्या फायदे हैं?

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 सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम, सोने में निवेश करने की स्कीम है जिसे भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किया जाता है. इस योजना का मुख्य उद्येश्य सोने की फिजिकल मांग को कम करना है ताकि भारत के सोने के आयात को कम किया जा सके.


भारत, दुनिया में सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है जो कि मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है.भारत, हर वर्ष लगभग 800 से 900 टन स्वर्ण का आयात करता है. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सोने का आयात, जिसका देश के चालू खाते के घाटे (CAD) पर असर पड़ता है, 2019-20 के दौरान 14.23% गिरकर 28.2 बिलियन डॉलर हो गया. वर्ष 2018-19 में इस पीली धातु का आयात 32.91 अरब डॉलर रहा था.

ये आंकड़े बताते हैं कि भारत सरकार बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा सिर्फ सोने के आयात पर खर्च करती है इसलिए सरकार ने 'सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड' जैसी योजना को शुरू किया है,ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम सोने में निवेश करने की गोल्ड बांड योजना है जिसे भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किया जाता है. इस योजना का मुख्य उद्येश्य सोने की फिजिकल मांग को कम करना है ताकि भारत के सोने के आयात को कम किया जा सके. इस योजना में निवेशक को गोल्ड बांड जारी किया जाता है और बांडों को परिपक्वता अवधि बाद नकदी में भुनाया जा सकता है.

Wednesday, September 9, 2020

कंगना के दफ्तर पर चला बीएमसी का बुलडोजर, वकील बोले- लेंगे लीगल एक्शन

Hindustan



कंगना रनौत के वकील रिजवान ने कहा है कि यह बदले की भावना के साथ किया गया काम है. यह उनका व्यक्तिगत एजेंडा. हम इस पर बीएमसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे.

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ बीएमसी की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं. कंगना रनौत के वकील रिजवान ने कहा है कि यह बदले की भावना से की गई कार्रवाई है. वकील रिजवान ने कहा कि यह बदले की भावना के साथ किया गया काम है. यह उनका (बीएमसी) व्यक्तिगत एजेंडा है. हम बीएमसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने बीएमसी के एक्शन पर सवाल उठाए हैं. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि बीएमसी की कार्रवाई ने अनावश्यक रूप से (कंगना को) बोलने का अवसर दे दिया है. मुंबई में कई अन्य अवैध निर्माण हैं. यह देखने की जरूरत है कि अधिकारियों ने यह निर्णय क्यों लिया.

असल में, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने बुधवार को कंगना रनौत के बांद्रा स्थित ऑफिस को कथित रूप से कई अनधिकृत एक्सटेंशन के कारण तोड़ दिया. बीएमसी एच-वेस्ट वार्ड के अधिकारियों की एक टीम पुलिस के साथ बुलडोजर, जेसीबी और अन्य भारी मशीन लेकर कंगना के ऑफिस पहुंची और उसे बाहर से ढहाना शुरू कर दिया.

इससे पहले, बीएमसी ने कंगना के ऑफिस के बाहर एक नोटिस चिपकाया था. नोटिस में बताया गया था कि कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी द्वारा मंगलवार के नोटिस के मद्देनजर दायर जवाब को खारिज कर दिया गया था, जिसमें बीएमसी ने उनके कार्यालय में चल रहे निर्माण में कई उल्लंघनों का जिक्र किया था. इसके कुछ ही घंटों बाद ही ऑफिस को तोड़ दिया गया. 

Monday, September 7, 2020

संत केशवानंद भारती का हुआ निधन, जानें उन्हें क्यों कहा जाता है 'संविधान का रक्षक'?

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नई दिल्ली. भारतीय संविधान के रक्षक कहे जाने वाले संत केशवानंद भारती का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने 79 साल की उम्र में इडनीर मठ में अपना देह त्याग दिया। उन्हें भारतीय संविधान का रक्षक इसलिए कहा जाता था क्योंकि संविधान में संशोधन की संसद की असीमित शक्तियों पर लगाम कसने वाला यह सिद्धांत 1973 में दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने जिस मामले में सुनवाई करते हुए यह सिद्धांत दिया, वह याचिका केरल के संत केशवानंद भारती ने दाखिल की थी। उनकी याचिका की सुनवाई में ही सुप्रीम कोर्ट ने व्‍यवस्‍था दी कि उसे संविधान के किसी भी संशोधन की समीक्षा का अधिकार है।

इसलिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था केशवानंद भारती ने 

केरल के कासरगोड़ जिले में स्थित इडनीर मठ के प्रमुख बनने के उत्तराधिकारी केशवानंद थे। केरल सरकार ने दो भूमि सुधार कानून बनाए। इसके जरिए धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन पर नियंत्रण किया जाना था। उन दोनों ही कानूनों को संविधान की नौंवी सूची में रखा गया था ताकि न्यायपालिका उसकी समीक्षा ना कर सके। साल 1970 में केशवानंद ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। जब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तो ऐतिहासिक हो गया। सुप्रीम कोर्ट के 13 जजों की बेंच अब तक की सबसे बड़ी बैंच है। इस याचिका की 68 दिनों तक सुनवाई चली। ये भी अपने आप में रिकॉर्ड है। बता दें, इस पर फैसला 703 पन्नों में सुनाया गया था। 

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ये फैसला 

केशवानंद भारती की याचिका पर 23 मार्च, 1973 को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। उस सिद्धांत की संसद के पास संविधान को पूरी तरह से बदलने की शक्ति है, तार-तार कर दिया गया। चीफ जस्टिस एसएम सीकरी और जस्टिस एचआर खन्‍ना की अगुवाई वाली 13 जजों की बेंच ने 7:6 से यह फैसला दिया था। SC ने कहा था कि 'संसद के पास संविधान के अनुच्‍छेद 368 के तहत संशोधन का अधिकार तो है, लेकिन संविधान की मूल बातों से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।' अदालत ने ये भी कहा कि संविधान के हर हिस्‍से को बदला जा सकता है, लेकिन उसकी न्‍यायिक समीक्षा होगी ताकि यह तय हो सके कि संविधान का आधार और ढांचा बरकरार है।

सुप्रीम कोर्ट ही कर सकता है सिद्धांत में बदलाव

जस्टिस खन्‍ना ने अपने फैसले में 'मूल ढांचा' वाक्या का प्रयोग किया और कहा कि 'न्‍यायपालिका के पास उन संवैधानिक संशोधनों और कानूनों को अमान्‍य करार देने की शक्ति है, जो इस सिद्धांत से मेल नहीं खाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले में 'मूल ढांचे' की एक आउटलाइन भी पेश की थी। अदालत ने कहा था कि 'सेक्‍युलरिज्‍म और लोकतंत्र इसका हिस्‍सा हैं। पीठ ने आगे आने वाली पीठों के लिए इस मुद्दे को खुला रखा कि वो चाहें तो सिद्धांत में कुछ बातों को शामिल कर सकती हैं।'

भारती का केस तब के जाने-माने वकील नानी पालकीवाला ने लड़ा था। 13 जजों की बेंच ने 11 अलग-अलग फैसले दिए थे, जिसमें से कुछ पर वह सहमत थे और कुछ पर असहमत। मगर 'मूल ढांचे' का सिद्धांत आगे चलकर कई अहम फैसलों की बुनियाद बना। कई संवैधानिक संशोधन अदालत में नहीं टिके। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी व्‍यवस्‍था दी कि न्‍यायपालिका की स्‍वतंत्रता संविधान के मूल ढांचे का हिस्‍सा है, इसलिए उससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।

कंगना रनौत को दी जाएगी वाई-कैटेगरी की सुरक्षा : सरकारी सूत्र

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बॉलीवुड अदाकारा कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) के बीच चल रही तनातनी के बीच सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि कंगन को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी जाएगी.


नई दिल्ली: 
बॉलीवुड अदाकारा (Kangna Ranaut) और शिवसेना सांसद (Sanjay Raut) के बीच चल रही तनातनी के बीच सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि कंगना  (Kangana Ranaut) को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी जाएगी. बता दें कि सुशांत की मौत के मामले को लेकर शुरू हुई बयानबाजी के बीच कंगना ने मुंबई की तुलना PoK से की थी, जिसके बाद संजय राउत की तरफ से सख्त लहजे में बयान दिए गए थे. सूत्रों के अनुसार इस पूरे प्रकरण को देखते हुए कंगना  (Kangana Ranaut) को सुरक्षा दी जा रही है. संजय राउत और कंगना के बीच चल रही बयानबाजी का असर सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रहा है. 
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार कंगना के साथ एक PSO (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) रहेगा. इसके 11 पुलिसकर्मी रहेंगे जिनमें कुछ कमांडोज भी शामिल होंगे. बता दें कि कंगना ने दावा किया था कि शिवसेना सांसद संजय राउत ने उन्हें मुंबई न लौटने को कहा है. जिसके बाद एक्ट्रेस ने चुनौती देते हुए कहा कि वह 9 सितंबर को मुंबई लौट रही हैं. इसी मामले में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने कहा था कि एक्ट्रेस की सुरक्षा मुहैया करानी जानी चाहिए.

विवाद बढ़ने के बाद संजय राउत ने कहा था कि अगर कंगना माफी मांगती हैं तो मैं भी माफी के बारे में सोचूंगा. इसके बाद कंगना की तरफ से एक वीडियो जारी करके कहा गया कि मैं 9 सितंबर को आ रही हूं, आप लोगों ने कहा आप मेरा जबड़ा तोड़ देंगे, मुझे मार देंगे. तो चलिए 9 सितंबर को मिलते हैं

Saturday, September 5, 2020

अक्षय कुमार ने बता ही दिया 'रसोड़े में कौन था', फोटो सोशल मीडिया पर वायरल

Hindustan

 

साथ निभाना साथिया का रसोड़े में कौन था मीम सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। बॉलीवुड स्टार्स तक ने इस मीम पर रिएक्ट किया है। अब हाल ही में अक्षय कुमार ने रसोड़े से लेकर ट्वीट किया है जो सोशल मीडिया पर छा गया है।

अक्षय कुमार ने बेयर ग्रिल्स के साथ अपनी एक फोटो शेयर की है। फोटो शेयर करते हुए अक्षय ने ट्वीट किया, 'रसोड़े में बियर था, क्या आप जानते हैं वो क्या पका रहे हैं?' अक्षय के इस ट्वीट पर फैन्, मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं।

बता दें कि अक्षय, बेयर ग्रिल्स के शो 'इंटू द वाइल्ड विद बेयर ग्रिल्स में नजर आने वाले हैं। अक्षय की यह फोटो शो के दौरान की ही है। इससे पहले अक्षय ने वीडियो भी शेयर किया था। वीडियो में अक्षय, बेयर के साथ स्टंट करते नजर आ रहे हैं।

अक्षय का एपिसोड 11 सितंबर को 'डिस्कवरी प्लस' पर शाम 8 बजे आएगा। वहीं 'डिस्कवरी नेटवर्क' पर यह एपिसोड 14 सितंबर को दिखाया जाएगा। बता दें कि अक्षय ने शो की शूटिंग मैसूर बांदीपुर टाइगर रिजर्व में की थी।

भारतीय सैनिकों की फुर्ती के सामने चीन के कैमरे-सेंसर फेल, PLA को मात दे यूं ऊंचाई पर किया कब्जा

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लद्दाख में पैंगोंग त्सो के दक्षिणी किनारे पर ऊंचाई वाले इलाके को चीनी सैनिकों से पहले भारतीय सैनिकों ने अपने कब्जे में लेकर बड़ी कामयाबी और बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय जांबाजों की फुर्ती के सामने चीन के हाईटेक कैमरा और सर्विलांस इक्विपमेंट बेकार साबित हुए। भारतीय सैनिकों ने ऊंचाई पर पोजिशन ले ली है, जहां से वह इस पूरे इलाके को कंट्रोल कर सकते हैं।

सूत्रों ने बताया, ''चीनी सेना ने भारतीय गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पास में ही अडवांस कैमरे और सर्विलांस इक्विपमेंट लगाए थे। लेकिन इसके बावजूद भारतीय सैनिकों ने ऊंचे स्थान को अपने नियंत्रण में ले लिया।'' चीनी सेना ने LAC पर इस तरह के उपकरण लगाए हैं ताकि भारतीय सैनिकों की गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से नजर रख सकें और जब भी उनके दावे वाले स्थानों पर भारतीय पेट्रोलिंग दिखे तो तेजी से प्रतिक्रिया दे सकें। 

सूत्रों ने बताया कि भारतीय क्षेत्र के इस अहम स्थान पर सैनिकों के पहुंचने के बाद चीन ने कैमरा और सर्विलांस उपकरण हटा लिए हैं। चीन भी दावा करता है कि ऊंचाई वाला इलाका उसका है और इस पर कब्जा जमाना चाहता था ताकि पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे और नजदीक के स्पनगुर गैप, एक खुला इलाका जहां चीनी आर्मर्ड रेजिमेंट तैनात है, पर बढ़त हासिल रख सके। 

सूत्रों ने बताया कि भारत ने यहां अच्छी तैयारी कर रखी थी ताकि चीन की अक्रामकता का उचित जवाब दिया जा सके। हुआ भी वही, चीन के मंसूबे को नाकाम करते हुए स्पेशल ऑपरेशन यूनिट और सिख लाइट इन्फ्रेंट्री के सैनिकों ने हाईट को नियंत्रण में ले लिया। 

इलाके में पेट्रोलिंग के दौरान माइन विस्फोट में एक भारतीय सैनिक शहीद हो गया है। भारतीय सैनिकों ने आर्मर्ड रेजिमेंट्स की भारी तैनाती कर दी है, जिसमें बीएमपी इन्फेंट्री कॉम्बैट वीइकल्स और अलग-अलग तरीके के टैंक शामिल हैं। कार्रवाई की तैयारी भारतीय सेना ने कर ली है। रसद और उपकरणों की भारी आवाजाही हुई है। भारतीय सेना ने 29-30 अगस्त की मध्यरात्रि को सामरिक ऊंचाई पर कब्जा करने के लिए चीनी मंसूबे को भांप लिया और झड़प के दौरान चीनी सैनिकों को पीछे धकेलते हुए उस जगह को नियंत्रण में ले लिया। 

शांति के लिए सेना पीछे हटाओ, LAC पर यथास्थिति लाओ... राजनाथ सिंह ने चीनी समकक्ष के साथ 2:20 घंटे की बातचीत में ड्रैगन को क्या कहा

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सीमा विवाद को लेकर पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ पिछले करीब चार महीने से चले आ रहे गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को मास्को में अपने चीनी समकक्ष जनरल वी फेंगे से मुलाकात की। इस बैठक में राजनाथ सिंह ने चीन को उसकी आक्रमकता वाली गलती याद दिलाई और कहा कि शांति के लिए सीमा पर से सेना को तत्काल हटाना होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीन के रक्षा मंत्री वी फेंगे के बीच 2 घंटे 20 मिनट तक वार्ता चली। इस दौरान राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कहा कि शांति कामय करने के लिए चीन को अपनी सेना पीछे हटानी ही होगी और यथास्थिति कामय करना होगा।

सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री के बीच हुई करीब ढाई घंटे की बातचीत का मुख्य फोकस लंबे समय से कायम सीमा विवाद को खत्म करना और शांति बहाल करना था। पूरी बातचीत का केंद्र बिंदु पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के लिए बीच का रास्ता निकालने पर ही टिका रहा। 

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक से इतर इस मुलाकात में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष जनरल वी फेंगे से साफ-साफ कहा कि पूर्वी लद्दाख में गतिरोध से पहले की स्थिति कायम करें। उन्होंने साफ कहा कि शांति के लिए चीन को सेना पीछे हटानी ही होगी।

बता दें कि दोनों देशों के बीच सीमा पर जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्रियों की यह पहली मुलाकात है। दोनों देशों के रक्षा मंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मास्को में हैं। यह मुलाकात इस बैठक से इतर हुई है। दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच मास्को के होटल मेट्रोपोल में मुलाकात हुई जहां चीनी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने के लिए पहुंचे। रक्षा मंत्रियों के साथ उनके देशों के शिष्टमंडल भी थे।

रूस की राजधानी मास्को में एक प्रमुख होटल में रात साढ़े नौ बजे (भारतीय समयानुसार) वार्ता शुरू हुई थी और यह वार्ता करीब ढाई घंटे तक चली। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा सचिव अजय कुमार और रूस में भारत के राजदूत डी बी वेंकटेश वर्मा भी थे। इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से फोन पर सीमा विवाद को लेकर बातचीत की थी। 

राजनाथ सिंह के ऑफिस ने ट्वीट किया, ‘रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री जनरल वी फेंगे के बीच मॉस्को में बैठक समाप्त हुई। यह बैठक दो घंटे 20 मिनट तक चली।' सूत्रों की मानें तो भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीनी सेना के पैंगोंग झील के दक्षिण तट में यथास्थिति बदलने के नए प्रयासों पर कड़ी आपत्ति जताई और बातचीत के माध्यम से गतिरोध के समाधान पर जोर दिया। सूत्रों ने कहा कि भारतीय पक्ष पूर्वी लद्दाख में सभी संघर्ष बिंदुओं पर यथास्थिति बहाल करना चाहता है।

भारत और चीन के सैनिकों के बीच पिछले सप्ताह पेगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर हुए ताजा घटनाक्रम के बाद एक बार से तनाव बढने के मद्देनजर इस मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन और भारत के सैनिकों के बीच गत 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी जिसमें भारत के एक कर्नल सहित 2० सैनिक शहीद हो गये थे। चीन के भी बड़ी संख्या में सैनिक मारे गये थे हालाकि चीन ने कभी आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया।

LAC पर ड्रैगन का अड़ियल रवैया जारी, माकूल जवाब देने को भारत सेना भी रहेगी आक्रामक मोड में

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चीन के अड़ियल रुख के चलते वास्तविक नियंत्रण रेखा पर टकराव घटने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले चार दिनों के दौरान हुई ब्रिगेडियर स्तर की मैराथन बैठकों के भी बेनतीजा रहने की खबर है। इसके चलते सेना ने अपना रुख आक्रामक रखने का फैसला किया है।
 
सेना से जुड़े सूत्रों ने कहा कि चीन ने पैंगोंग इलाके में पीछे हटने को लेकर भारत के समक्ष पहले ही कई शर्ते रख दी थी। लेकिन मौजूदा स्थिति में उसकी तरफ से यथास्थिति बहाली की मांग भारत से की जाने लगी है। दरअसल, भारत ने महत्वपूर्ण चोटियों पर पोजीशन ले रखी है जिससे चीन और भी बौखलाया हुआ है। वह चाहता है कि भारत अपनी पोजीशन बदले।

सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार, चीन को लेकर अब आने वाले दिनों में रुख आक्रामक रहेगा। अभी तक सिर्फ अपने बचाव की मुद्रा में सेना रहती थी। लेकिन बदली परिस्थितियों में सेना के रुख में बदलाव आया है। माना जा रहा है कि एलएसी पर लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारत ने किसी भी हालात से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसलिए अब सेना की रणनीति इस बात पर होगी कि वह एलएससी पर मई से पहले की स्थिति बहाल करे।


चीन से तनातनी के बीच भारत-नेपाल सीमा पर संयुक्त गश्त

चीन से चल रही तनातनी के बीच 57वीं वाहनी एसएसबी ने मेलाघाट चौकी से लगती भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल ऑर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) के साथ मिलकर संयुक्त रूप से गश्त की। उच्च स्तर पर मिले निर्देशों के बाद नेपाल एपीएस को साथ लेकर करीब तीन किलोमीटर तक पेट्रोलिंग की गई। हालांकि, इस दौरान बॉर्डर पर हालात सामान्य मिले। भारत-चीन के बीच चल रही तनातनी के बीच नेपाल के क्षेत्र से किसी भी प्रकार की चीन की पैंतरेबाजी की कोशिश रोकने के लिए यह गश्त की गई।

पीएम मोदी ने फोन पर की स्वामी अड़गड़ानंद से बातचीत, बोले- चिंता ना करें, मैैं डॉक्टरों से बात करता हूं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से पीड़ित परमहंस स्वामी अगड़गड़ानंद महाराज से फोन पर बात की और उनका हाल जाना। उन्होंने बेहतर इलाज का आश्वासन दिया। बीएचयू के डॉक्टर के साथ डीएम और सीएमओ अस्पताल पहुंचे। महाराजजी के स्वास्थ्य की रुटीन जांच की गई। 

सक्तेशगढ़ आश्रम (मिर्जापुर) के परमहंस और यथार्थ गीता के प्रणेता स्वामी अड़गड़ानंद कोरोना संक्रमित होने के बाद निजी अस्पताल में भर्ती हैं। पीएम ने स्वामी अड़गड़ानंद के परमशिष्य आशीष महाराज के फोन पर महाराज से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि आपकी तबीयत कैसी है और कितने दिन से संक्रमित हैं। अड़गड़ानंद महाराज ने बताया कि तीन दिनों से संक्रमित हैं। पीएम ने ऑक्सीजन का स्तर भी पूछा, जिस पर उन्होंने बताया कि 90 के ऊपर है। प्रधानमंत्री ने महाराजजी से कहा आठवें व 10वें दिन थोड़ा असर ज्यादा दिखता है। आप घबराएं नहीं। जिला-प्रशासन को निर्देशित किया गया है और बेहतर से बेहतर चिकित्सा व्यवस्था कराई जाएगी, क्योंकि देश को आपके ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा की अभी बहुत जरूरत है। करीब तीन मिनट हुई बातचीत में अड़गड़ानंद महाराज ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि आप जब सब देख रहे हैं तो वह निश्चिंत हैं। महाराजजी ने यह भी कहा कि आप देश के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इसके लिए आभार जताया। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि महाराज जी की तबीयत सुधार आ रहा है। 

उधर, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, सीएमओ वीबी सिंह और बीएचयू में एनेस्थेसिस्ट डॉ. विक्रम ने अस्पताल में जाकर अगड़गड़ानंद महाराज के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बता दें कि गुरुवार को अड़गड़ानंद महाराज की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। पीएम की मां भी स्वामी अड़गड़ानंद के प्रति गहरी श्रद्धा रखती हैं, इसलिए एकबार जन्मदिन पर उन्होंने नरेंद्र मोदी को अड़गड़ानंद लिखित यथार्थ गीता पुस्तक उपहार के तौर पर दी थी।

सुशांत केस LIVE: रिया के भाई शॉविक और सैमुअल को कोर्ट लाया गया, NCB मांगेगी रिमांड

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सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है। एनसीबी ने शुक्रवार को ताबड़तोड़ छापेमारी और लंबी पूछताछ के बाद रिया चक्रवर्ती के भाई शॉविक और सुशांत के पूर्व हाउस मैनेजर सैमुअलल मिरांडा को गिरफ्तार कर लिया। माना जा रहा है कि दोनों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा और एनसीबी लंबी पूछताछ और गुत्थी सुलझाने के लिए उन दोनों की हिरासत की मांग करेगी। एनसीबी) सूत्रों के मुताबिक सुशांत मामले की मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती को भी समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उधर सुशांत सिंह केस में सीबीआई भी लगातार जांच कर रही है। तो चलिए जानते हैं इस मामले की भी खास बातें। 

मुंबई: शॉविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा को एनसीबी की टीम एसप्लेनेड कोर्ट लेकर पहुंची।

सीबीआई की टीम सुशांत के घर क्राइम सीन रीक्रिएट करने पहुंची है। इस बार सीबीआई के साथ एम्स के डॉक्टर्स भी मौजूद हैं। वहीं एम्स के डॉक्टर्स के साथ ही सुशांत सिंह राजपूत की बहन मीतू सिंह, सिद्धार्थ पिठानी और नीरज भी मौजूद हैं। 

-ड्रग्स पैडलर्स जैद विलात्रा और अब्दुल बासित परिहार ने मुंबई सेशन कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन दिया है। इन सबको सुशांत सिंह केस में ड्रग्स कनेक्शन की वजह से एनसीबी ने गिरफ्तार किया है।

रिया चक्रव्रती के भाई शॉविक चक्रवर्ती, सैमुअल मिरांडा, जैद विलात्रा और कैजन इब्राहिम का कोरोना टेस्ट होगा। इसलिए उसे मुंबई के सियोन अस्पताल लाया गया है। यहा जानकारी एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर केपीएस मल्होत्रा ने दी है।

शॉविक चक्रवर्ती, सैमुअल मिरांडा, जैद और कैजन इब्राहिम को मेडिकल जांच के लिए सिओन अस्पताल लाया गया। यहां पर इन सबका मेडिकल टेस्ट होगा।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी अपने मुंबई स्थित दफ्तर से शॉकिक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा समेत अन्य आरोपियों को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुई। आज इन सबको कोर्ट में पेश किया जाना है।

 

सुबह डाली रेड, रात में गिरफ्तारी: 
एनसीबी सूत्रों के अनुसार ड्रग्स को लेकर चैट सामने के बाद हुई जांच के दौरान शॉविक और मिरांडा के खिलाफ एनसीबी को ठोस सबूत मिले, जिसके आधार पर इनके घर छापेमारी की गई। सुबह पौने सात बजे एनसीबी ने शॉविक के घर पर छापेमारी की थी। शॉविक के घर पर छापेमारी के बाद मिरांडा के घर पर भी छापा मारा गया। मिरांडा को भी घर से उठा लिया गया। इसके बाद सभी को आमने-सामने बिठाकर लंबी पूछताछ चली और देर रात दोनों की गिरफ्तारी की गई। इस मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले एनसीबी अब्बास, करण, जैद, बासित और कैजान को गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें से अब्बास और करन की जमानत भी हो चुकी है। 

रिया पर भी लटकी गिरफ्तारी की तलवार?

एनसीबी की ओर से दोनों को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब रिया चक्रवर्ती पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। क्योंकि शॉविक चक्रवर्ती कोई और नहीं बल्कि रिया चक्रवर्ती का भाई है। लगभग 8 घंटे तक चली पूछताछ के बाद एनसीबी ने शॉविक चक्रवर्ती और मिरांडा को गिरफ्तार किया।

Friday, September 4, 2020

“Look and feel like idiots”: ‘Bored’ Archana Puran Singh of The Kapil Sharma Show talks ‘nonsense’; shares pangs of loneliness with fans days after facing roasting by Kiku Sharda

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 Archana Puran Singh of The Kapil Sharma Show has reinvented herself during the nationwide lockdown despite having worked in the Hindi film industry for many years. It was during the lockdown when her home videos became viral, taking her popularity on Instagram to a new level. However, the affable actress appeared sad, bored and a tad ‘idiot’ as she waited for the shooting to resume early in the morning.


Archana Puran Singh of The Kapil Sharma Show has reinvented herself during the nationwide lockdown despite having worked in the Hindi film industry for many years. It was during the lockdown when her home videos became viral, taking her popularity on Instagram to a new level. However, the affable actress appeared sad, bored and a tad ‘idiot’ as she waited for the shooting to resume early in the morning.

Archana said that she had up since 5.30 in the morning. Can you imagine? I some time sleep at 4 (in the morning). Yesterday I slept early but. I am very bored sitting alone. I am so bored that I am talking nonsense. You know artists have to spend so much time alone that unless they keep themselves occupied, they look and feel like idiots. And that’s exactly like I am feeling right now.”

Sharing the video, Archana wrote, “RANDOM musings. what do you do when you get bored?”

She received plenty of support from her fans with one writing, “DO INSTANT LIVE session on INSTA to pep up your energy level. You have a great fan following so you can find many people to boost up your spirit n cheer you or entertain you.” Another commented, “Sing, play music or bother someone.” “You should have bought a book or read an audiobook… just a suggestion Archana,” wrote one fan.

Mission Karmayogi: Cabinet initiates Civil Services reforms, approves capacity building programme for officers

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 The  Union Cabinet has approved Civil Services reforms today by introducing a Capacity Building Programme which would harmonize training standards, create shared faculty and resources in all central training institutions of the country. It would be called Mission Karmayogi which is a National Programme for Civil Services capacity building. The programme would especially benefit civil servants- IAS, IPS, IFS, IRS officers of India. 

Prime Minister Narendra Modi took to his twitter handle to express his views on the new programme. He said, "National Program for Civil Services Capacity Building approved in today’s cabinet will radically improve the Human Resource management practices in the Government. It will use scale & state of the art infrastructure to augment the capacity of Civil Servants."

The Civil Servants are selected through an All India Exam organized by Union Public Services Commission, UPSC. The Karmayogi programme would help in capacity building of all selected officers so that they remain in touch with the Indian culture along with the best practices of the modern-day world. Take a look at what Prakash Javedkar had to say on the Mission Karmayogi.

Mission Karmayogi- Major focus areas

There would be four major pints of focus under the mission as per the Minister. 

  • Supporting Transition from ‘Rule-          based’ to ‘Role-based’ HR Management.
  • iGOT-Karmayogi  Digital Platform
  • Continuous Performance Analysis
  • Strategic HR management to deliver the right competencies